वाराणसी। महादेव की नगरी काशी की गलियों और सड़कों को दूधिया रोशनी से चमकाने के लिए नगर निगम अब हाईटेक रास्ता अपनाने जा रहा है। बुधवार को सिगर...
वाराणसी। महादेव की नगरी काशी की गलियों और सड़कों को दूधिया रोशनी से चमकाने के लिए नगर निगम अब हाईटेक रास्ता अपनाने जा रहा है। बुधवार को सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में हुई समीक्षा बैठक के दौरान महापौर अशोक तिवारी ने खराब स्ट्रीट लाइटों की समस्या पर कड़ा रुख अपनाते हुए 'क्यूआर कोड' (QR Code) और 'जीआई बोर्ड' व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। अब हर खंभे पर वार्ड और मोहल्ला कोड के साथ एक यूनिक नंबर होगा, जिसे स्कैन कर नागरिक सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
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| Purvanchal Samachar |
ईईएसएल का करार खत्म, नई फर्म के लिए जल्द उठेगा टेंडर
बैठक में यह अहम तथ्य सामने आया कि शहर की अधिकांश लाइटों का रखरखाव करने वाली कंपनी ईईएसएल का कार्यकाल दिसंबर में ही समाप्त हो चुका है। वर्तमान में निगम अपने संसाधनों से काम चला रहा है। महापौर ने इस 'अस्थायी व्यवस्था' को खत्म करने के लिए नई फर्म के चयन हेतु तत्काल टेंडर प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। साथ ही, 2000 लाइटों का इमरजेंसी स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि शिकायत मिलते ही 48 घंटे के भीतर लाइट बदली जा सके।
देव दीपावली पर बचत का 'नवाचार' और गाड़ियों की सर्विसिंग पर सख्ती
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने निगम की आय बढ़ाने और फिजूलखर्ची रोकने के लिए नया फॉर्मूला पेश किया। इस बार देव दीपावली पर किराए की झालरों के बजाय निगम खुद की लाइटें खरीदकर घाटों को सजाएगा, जिससे हर साल होने वाला लाखों का खर्च बचेगा। वहीं, महापौर ने निगम के वाहनों की 'वर्कशॉप' वाली मरम्मत पर रोक लगाते हुए अब सीधे अधिकृत सर्विस सेंटर से ही सर्विसिंग कराने का फरमान सुनाया है।
